राहुल की आक्रमता से मोदी को हो रही परेशानी, राहुल के हमलों का नही मिल रहा जबाब
वर्तमान स्थिति में देश का राजनीतिक लड़ाई ऐसा बन गया है कि इसमें सोशल मीडिया का एक अहम योगदान बन गया है। नेता प्रेस में अपना बयान देने के बजाय सोशल मीडिया पर ही बयान दे रहे हैं। अभी कुछ समय केंद्र सरकार के मंत्री ने भी सोशल मीडिया पर अपना इस्तीफा दिया था। मतलब साफ है प्रेस मीडिया के साथ-साथ अब भारत मे सोशल मीडिया का प्रभाव भी बहुत तेजी से बढ़ा है।
सोशल मीडिया का महत्व नरेंद्र मोदी और अरविंद केजरीवाल ने बता दिया है। सोशल मीडिया से युवा वर्ग बेहद आकर्षित होता है। सोशल मीडिया कैम्पेनिंग से वोट पर भी असर पर रहा है। कुछ समय पहले तक सोशल मीडिया से अनभिज्ञ कांग्रेस भी अब सोशल मीडया पर आक्रामक होकर अपना दबदबा बना ली है। कांग्रेस के अन्य वोलेंटियर से अधिक आक्रामक और सरकार को बौखला देने वाली ट्वीट्स कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गाँधी खुद कर रहे हैं। जिस सोशल मीडिया पर राहुल गाँधी को कमजोर कहा जाता था आज उसी सोशल मीडिया के जरिये राहुल हमेशा एक नई बहस शुरू करवा रहे हैं।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गाँधी सोशल मीडिया पर पहले सक्रिय नही रहते थे मगर पिछले कुछ समय से राहुल न सिर्फ सक्रिय हैं बल्कि आक्रमक भी है। राहुल लगातार ट्वीट कर मोदी से सवाल पूछ रहे हैं, मोदी के नीतियों को जनता के सामने लाकर उसकी आलोचना कर रहे हैं। जिसका नतीजा ये हुआ है कि मोदी सरकार के सांसद, मंत्री, मुख्यमंत्री और भाजपा के अध्यक्ष सोशल मीडिया से दूर रहने की सलाह अपने कार्यकर्ता और जनता को दे रहे हैं।
राहुल के सक्रिय और आक्रमक होने से कांग्रेस के अन्य नेता भी सक्रिय हो गए हैं और कार्यकर्ताओं को भी नई ऊर्जा मिली है। राहुल के ट्वीट्स के महत्वपूर्ण भाग हमेशा भारत के ट्रेंड में शामिल हो रहा है जो स्पष्ट तौर पर बताता है कि राहुल के ट्वीट ना सिर्फ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पसन्द आ रही बल्कि आम जनता खासकर के युवा वर्ग भी राहुल के ट्वीट्स को पसन्द कर रहे हैं। जिस तरह से राहुल ने सोशल मीडिया के जरिये गुजरात में विकास को पागल, मोदी के GST को गब्बर सिंह टैक्स और GDP को सकल विभाजनकारी राजनीति बताया वो लोगो ने काफी पसंद किया। राहुल ने अमित शाह के बेटे को लेकर मोदी और शाह को "शाह-जादा" के नाम पर खूब खरी-खोंटी अपने ट्वीट्स के जरिये सुनाया।
राहुल के आक्रमता और सक्रियता से मोदी भी परेशान हैं, इसलिये वो अपने नेता को अब जमीन पर जाकर जनता संवाद करने कह रहे हैं क्योंकि मोदी समझ चुके हैं कि राहुल की सक्रियता से सोशल मीडिया पर कांग्रेस का दबदबा बढ़ा है।
सोशल मीडिया के जरिये जिस तरह से राहुल और कांग्रेस की टीम सरकार की आलोचना कर रही है इसे देखकर मीडिया को भी सही रिपोर्ट दिखाने को मजबूर होना पर रहा है, ये भाजपा और मोदी के लिये बड़ी परेशानी बन रही है क्योंकि मीडिया हाउस भले सरकार का पक्ष ले मगर सोशल मीडिया हर हाथ नया मीडिया है जिस कारण से इस पर सरकार का दबाब काम नही करता है।
देखना अब दिलचस्प होगा कि राहुल की ये आक्रमकता और सक्रियता मोदी को और कितनी परेशान करती है, क्या मोदी राहुल के इस आक्रमकता का जबाब दे पायेंगे या फिर राहुल सोशल मीडिया कैम्पेनिंग से फिर एक बार भाजपा को ध्वस्त कर देंगे।
मोदी को पछाड़ राहुल बने नम्बर 1
राहुल की आक्रमता से मोदी को हो रही परेशानी, राहुल के हमलों का नही मिल रहा जबाब
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January 07, 2018
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