राहुल के "मिशन कर्नाटक" पर, भाजपा को लगा बड़ा झटका




कांग्रेस के पास अब सत्ता वाली राज्य बहुत कम बचा है ऐसे में कांग्रेस को अब हर राज्य जितना होगा। कांग्रेस को अपनी सत्ता वाली राज्य को हर हाल में जितना होगा और साथ ही भाजपा शासित राज्यो को भाजपा से छीनना होगा।
कांग्रेस के लिये अब सिर्फ जीत ही जरूरी है। ऐसे में 2018 में होने वाली 8 राज्यो के विधानसभा चुनाव कांग्रेस के लिये काफी महत्वपूर्ण हो गया है क्योंकि कांग्रेस को 2019 के आम चुनाव से पहले अपना शक्ति प्रदर्शन करने का अंतिम मौका 2018 ही है।
राजनैतिक विश्लेषकों का भी मानना है कि कांग्रेस के लिये 2018 एक अच्छा साल हो सकता है। जिसमे कांग्रेस जीत की पटरी पर लौटती नजर आयेंगी। कांग्रेस के नेता और समर्थक भी अब पहले से अधिक सक्रिय हैं जिस कारण से लोगो को फिर से कांग्रेस के वापसी उम्मीद बढ़ी है। कांग्रेस फिर जमीन पर लड़ने को तैयार दिख रही है।





2018 मे होने वाले 8 राज्यो में से कांग्रेस के लिये सबसे महत्वपूर्ण कर्नाटक विधानसभा चुनाव है। कर्नाटक में कांग्रेस 5 साल से सत्ता में है जिसके मुख्यमंत्री सिद्दएमर्य्य्या जी हैं। कांग्रेस के लिये कर्नाटक इसलिये महत्वपूर्ण है क्योंकि वर्तमान में कर्नाटक ही सबसे बड़ी राज्य है जहाँ कांग्रेस सत्ता में है इसलिये कांग्रेस इसे बचाने के लिये पूरी ताकत लगा देगी।
कर्नाटक विधानसभा के 224 में से वर्तमान में कांग्रेस के पास 124, भाजपा के पास 44, JDS के पास 39,  BSRC के पास 3, KJP के पास 2, KMP के पास 1, SKP के पास 1, निर्दलीय 9 और इसके अलावा 1 सीट खाली और 1 सीट मनोनीत है। 2013 में कांग्रेस ने 124 सीट जीतकर सरकार बनाई थी।
राहुल गाँधी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद ये पहला बड़ा राज्य का चुनाव होगा जहां कांग्रेस और भाजपा की सीधी टक्कर होगी इसके अलावा JDS भी इन दोनों को चुनौती दे सकती है। राहुल गाँधी पिछले साल कई मौकों पर कर्नाटक गए हैं। जिससे साफ है कि राहुल गाँधी कर्नाटक को लेकर पहले से ही सतर्क हैं।
अभी बहरीन दौरे पर भी प्रश्न के दौरान एक व्यक्ति कर्नाटक चुनावो को लेकर राहुल से सवाल किया था। जिस पर राहुल ने साफ तौर पर कहा था कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री एक अच्छे और सुलझे नेता हैं वो गरीब और किसानों के नेता हैं। राहुल ने तैयारी को लेकर कहा कि हम कर्नाटक चुनावो को लेकर तैयार हैं हमारी तैयारी पूरी है। हम फिर एक बार कर्नाटक में सरकार बनाने जा रहे हैं।
इससे पहले कांग्रेस के कर्नाटक राज्य इकाई के अध्यक्ष ने कहा था हम चुनाव के लिये तैयार हैं। उम्मीदवारों के नाम पर भी सहमति लगभग बन चुकी है कुछ नमो पर चर्चा चल रहा है और उन्होंने ये भी दावा किया था कि जल्द ही भाजपा को बड़ा झटका लग सकता है जिसमे कर्नाटक भाजपा के 6 से अधिक विधायक कांग्रेस का दामन थाम सकते हैं।
इस दावे के बाद भाजपा में भी हलचल बढ़ गई है और भाजपा में मचे घमासान को लेकर अमित शाह और मोदी काफी मंथन कर रहे हैं। इस दावे को लेकर भाजपा इसलिये भयभीत है क्योंकि अभी कुछ दिन पहले ही JDS के विधायकों ने पार्टी से बगावत कर कांग्रेस का हाथ थाम लिया था।
भाजपा को इसलिये भी कर्नाटक में झटका लग रहा क्योंकि भाजपा के पास कोई बड़ा चेहरा नही है जिस कारण से अभी जितने भी सर्वे आ रहे हैं उसमें भाजपा बहुत पिछड़ती नजर आ रही है।
राहुल ने मिशन कर्नाटक को लेकर अपना होमवर्क कर लिया है उसे अब वो जमीन पर उतारेंगे। जिसके लिये वो 20 जनवरी के बाद कर्नाटक के दौरे पर रहेंगे।
कहा जा रहा बहरीन जाना भी राहुल के मिशन कर्नाटक चुनाव का एक हिस्सा है क्योंकि बहरीन में दक्षिण भारत के लोगो की संख्या काफी अधिक है।
राहुल के "मिशन कर्नाटक" पर, भाजपा को लगा बड़ा झटका राहुल के "मिशन कर्नाटक" पर, भाजपा को लगा बड़ा झटका Reviewed by Unknown on January 10, 2018 Rating: 5

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